मारकेट में नया


"मारकेट में नया" यह वाक्य ऐसे धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है कि,क्या कहें।सालो-साल पुरानी बात या वस्तु समाज में हर बार "मारकेट में नया" टैग चिपकाकर प्रसारित कर दी जाती है।सोशल मीडिया तो जैसे इन टैग चिपकी वस्तुओं की दुकान बन चुकी है जहाँ पुरानी वस्तुएँ हर बार नई बतलाकर बेच दी जाती है।

           अल्काइन चचा अपने जीवन के अंतिम पलो में "मारकेट में नया" से बहुत प्रभावित हुए थे।समाज में क्या नया है जानना चाहते थे।सो जैसे ही  चचा के प्राण पखेरू उखड़े,चचा सोशल मीडिया पर अटके।किसी चुटकुले पर सवार हो गए जिस पर "मारकेट में नया का जिक्र था।न जाने कितने ही अंधेरे रास्तों से गुजरे,कितने ही मिलो की डिजिटल यात्रा की तब उन्हें पता चला कि, वह चुटकुला तो दो वर्ष पुराना था।बेचारे चचा! अपना सा मुॅह लेकर रह गए।पुनः बड़ी सतर्कता एवं जाँच-पड़ताल के बाद किसी संदेश पर सवार हो गए।डिजिटल संजालो के मध्य,तारो से छेड़खानी करते हुए पुनः लम्बी यात्रा की तब उन्हें पता चला कि,वह संदेश  1 लाख  बार आदान-प्रदान हो चुका है।चचा के कुछ नए देखने की जिज्ञासा शांत नहीं  हो रही थी।चचा लोगों पर  झल्ला रहे थे- "कमबख्त आज तक मारकेट में नया कहकर लकीर पीटते थे  और हम कहते रहे की समाज तरक्की कर रहा है।अगर ये शोध कार्य हमारे द्वारा न किया जाता तो हम धोखे में चले जाते"।

लेकिन ये क्या चचा एकाएक झूम उठे,ये कैसा अजब सा विज्ञापन सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।अरे ये तो सच में "मारकेट में नया" है।

      चचा इतने खुश हुए कि,प्रकाश के वेग से पृथ्वी लोक छोड़ परलोक चले गए।परलोक के पहरेदार ने उनसे वहां पहुँचने में देरी व उनकी खुशी के बारे में पुछा तब चचा बोले-"मियाँ! मारकेट में नया देखकर आ रहा हूँ।

पहरेदार-"क्या नया"?

चचा-"बरखुरदार आत्महत्या के 101 तरीके का विज्ञापन देख के आ रहा हूँ।देखना जल्द ही मेरे लोग यहाँ पहुँच जाएंगे।

पहरेदार-" मारकेट में जब भी कुछ नया आता है,यहाँ लोगों की तादाद बढ़ जाती है,हाल ही में ब्लू व्हेल के कारण आए थे,अब लाल व्हेल की वजह से आएंगे"।

                         ----प्रशांत गाहिरे-----



Comments