कोशिश की है


 हम ने तुझे कभी नही चाहा
पर तुझे पाने की कोशिश की है,
हम करीब तेरे कभी नही आए
पर पास आने की कोशिश की है ।

तुझे दिमाग मे कभी नही आने दिया
पर दिल मे छुपाने की कोशिश की है,
हालाकि याद रोज़ आते हो तुम
पर तुम्हे हि भूलाने की कोशिश की है ।

हम दूर तुझसे कभी न हो पाएंगे
पर तुझसे हि दूर जाने की कोशिश की है,
हार तो कभी न पाएंगे इस दिल से
पर इस दिल को हाराने की कोशिश की है ।

गिरते है आंसु इस पतझड़ के मौसम में
फिर भी खुद को हँसाने की कोशिश की है,
सच कड़वा है कि चला गया है बसंत
फिर भी इस कड़वे सच को अपनाने की कोशिश की है ।



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